Inspiring Quotes[Sanskrit]

subhashit

बस…’ये’, कहानी है :

shailyblog

बहुत पुरानी एक कहानी मेरी नानी कहतीं थीं,
किसी समय में,किसी जगह ‘कुछ चोरों’ की इक बस्ती थी.
 
मुखिया था जो, सब चोरों का ‘राज-पिता’ कहलाता था,
उसका ही परिवार अकेला, शासन-तंत्र चलता था.
 
बाद पिता के बेटी-बेटे,उस गद्दी के मालिक थे,
चलता था ‘सब -कुछ ‘ मिल-जुलकर,वे सब बे-हद ‘क़ाबिल’ थे.
 
पुत्र नहीं तो ‘पुत्र-वधू’ भी गद्दी की अधिकारी थी,
 जामाता, दौहित्र; पौत्रों.. की भी महिमा न्यारी थी.
  
लूट-पाट का सारा वैभवबाहर  जमा करते थे ,
‘काले-धन’ से सैर-सपाटा,बाहर  करने जाते थे ! 
 
बेचारे,बस्ती-वाले! सब सहमे-सहमे रहते थे,
हक़‘ छीना जाता था उनका ,वह चुपचाप झेलते थे.
 
धीरे-धीरे‘राज-धर्म”…भोली-जनता में उतर गया,
चोरी ही है “राष्ट्र-निति  जन-मानस में ये बैठ गया.
 
बजी दुन्दुभी चोरी की, भय(?)कोई नहीं सताया था !
 सभी निडर हो,चोरी करते

View original post 164 more words

Why Women’sDay?

  • after witnessing the crime against women at present scenario,I want to say, why this celebration of women’s day? don’t celebrate it for one day, but think and act properly with women,every day,whether she is a mother,sister,daughter, co-worker,domestic help,neighbour or just anyone.Don’t think that if you are a man,you have rights to abuse, humiliate,manipulate or use her.so respect her as a human being throughout the year …
  • womendat poster
  •                            Everyday                                                         One day